Sunday, 22 May 2016

फिक्स दाँतों का रहस्य

अपने दाँतों को मुँह में बनाए रखने के लिए लोग न जाने क्या क्या उपाय करते है इन्ही में से एक उपाय होता है आरपीडी( removable partial denture ) को फिक्स करना  अमूमन यह काम झोला छाप या बिना डिग्री धारक तथाकथित डॉक्टर साहब करते हैऔर कभी कभी कुछ डिग्री धारक भी पैसा बनने के लिए कर लेते है  इनकी क्लिनिक एक छोटी टपरी से लेकर बड़ी आलिशान बिल्डिंग तक हो सकती है ये सामान्यतः सभी शहरों में बहुतायत से पाये जाते है आइये कुछ जानकारी इनके बारे में आपके लिए








ये वह लोग होते है जो किसी क्लिनिक पर थोड़े बहुत दिन काम करके वहां से काम सीख लेते है और फिर कुछ समय बाद खुद का क्लिनिक खोल लेते है इनका टारगेट वो लोग होते है जिन्हे डेंटिस्ट के बारे में न के बराबर जानकारी होती है उनकी नजर में डेंटिस्ट का मतलब दाँत उखाड़ने वाला डॉक्टर।

आज इक्कीसवी सदी में डेंटिस्ट दाँत उखाड़ने के बजाय उसे बचाने पर जोर देते है रुट  कैनाल ट्रीटमेंट के द्वारा आज कल डॉक्टर ८० % से ज्यादा दाँतों को उखड़ने से बचा लेते है  पर ये तथाकथित डॉक्टर दाँत को निकाल  कर उसकी जगह नए दाँत को लगाने की सलाह ही देते है क्युकी ये technolgy के मामले में बहुत पिछड़े होते है। हाँ इनकी क्लिनिक में आपको सामान कम ज्यादा मिल सकता है पर ये खुदको कभी एडवांस नहीं करते


एक वाक्ये पर नजर डालते है



इस 56 वर्षीय पुरुष के ऊपर के दाँतों का सेट cd (कम्पलीट डेन्चर ) है जिसमे की पूरी बत्तीसी नकली दाँतो की है जो की सोने से पहले निकाल ली जाती है

नीचे के दांत पूरी तरह से गिरे नहीं थे सिर्फ आगे के २ दांत गिर गए थे तो डॉक्टर ने उसके दो दाँतों को बदलने के लये एक rpd बनाया (सामान्यतः ऐसे डॉक्टर पहले से बने रखे हुए rpd को ही मरीज के दाँतों के ऊपर लगाने की कोशिश करते है और ये उसमें सफल भी रहते है )ये rpd को स्टील के तार एवं कोल्ड क्योर ऐक्रेलिक द्वारा मरीज के मुँह में फिट कर देते  है  अब मरीज़ क्या जाने कि फिक्स दांत किस बला का नाम है, उसे तो बस इतना ही बता दिया जाता है कि इस तरह का फिक्स दांत लगवाने से आप इसे उतारने-चढ़ाने के झंझट से बच जाते हैं 
ये नकली डेंटिस्ट आसपास के स्वस्थ दाँतों एवं मसूडों पर ऐक्रेलिक की मोटी परत चढ़ाकर नकली दांतों को असली दाँतों से जोड़ देते है जो की गलत है इससे स्वस्थ दाँत भी समय के साथ ख़राब होने लगते है मसूड़े गलने लगते है और हड्डी को भी गला देते है जिससे की समय के साथ हड्डी की गुडवत्ता एवं मात्रा घटती जाती है तार के द्वारा नकली दांतों को असली दांतों से फिक्स करने पैर असली दाँत हिलने लगते है 
इन नकली डेंटिस्ट के द्वारा किये गए कामों का खामियाजा डेंटिस्ट को भुगतना पड़ता है क्युकी जब मरीज डेंटिस्ट के पास  पहुंचता है तो स्थिति गम्भीर हो चुकी होती है पूरे शरीर में मसूड़े ही ऐसा हिस्सा है जिसमें खराबी आने के बहुत समय बाद पता चलता है की कोई शिकायत है मसूड़ों में कयुकि अमूमन हम तभी डेंटिस्ट के पास जाते है जब दर्द असहनीय हो और पड़ोस का मेडिकल स्टोर वाला भी इलाज देने में असमर्थ हो वरना तो हम खुद ही डॉक्टर बन जाते है और अपना इलाज स्वम कर लेते है 
ये इलाज कभी कभी बहुत घातक भी साबित  बीमारी घटने की जगह बढ़ जाती है 
इस मरीज के नीचे के दाँतों में जो rpd फिक्स की गयी थी उससे इसके ६ स्वस्थ दांत हिलने लगे जबड़े की हड्डी ३०% तक गल गयी मसूड़ों में  परियोडोंटिटिस हो गया 

इस प्रकार के नकली फिक्स दांतों का प्रकोप झेल रहे बहुत से मरीज़ अकसर आते रहते हैं। इस फिक्स दांत के आसपास वाले हिलते दांतों की वजह से तो लोग आते ही हैं । इस के अलावा बहुत से मरीजों  में इस तरह के फिक्स दांत के आसपास के मसूड़े बहुत बुरी तरह फूल जाते हैं और उन में थोड़ा सा ही हाथ लगने से ही रक्त बहने लगता है। 
 जानकारी ही बचाव है 
अंग्रेजी में कहते है की "dentistry is not  costly neglect is "



























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